महेशपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
देवीधन बेसरा (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 25.4% वोट पाकर महेशपुर सीट जीती और सुफल मरांडी (JMM) को 4,095 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 152 दुमका थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 152 बिहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। देवीधन बेसरा 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवीधन बेसरा NDA | NDA | 21,14525.4% |
| 2 | सुफल मरांडी | 17,05020.5% | |
| 3 | नवीनलाल सोरेन | 16,33619.6% | |
| 4 | दुर्गा मरांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 12,37814.9% |
| 5 | ज्योतिन सोरेन | 7,3938.9% | |
| 6 | मिस्त्री सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1905.0% |
| 7 | कंदना हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0642.5% |
| 8 | छोटेलाल सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2831.5% |
| 9 | कालिदास मुर्मू | 6960.8% | |
| 10 | प्रमोदिनी हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.3% |
| 11 | डेविड टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 2390.3% |
| 12 | गोपाल मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2005 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2005 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
महेशपुर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 62.7% से घटकर 56.3% रह गया।