किशनगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
प्रो. रविन्द्र चरण यादव (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 55.1% वोट पाकर किशनगंज सीट जीती और मो. अब्दुल सत्तार (JD(U)) को 30,983 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 122 रानीगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 122 सोनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रो. रविन्द्र चरण यादव 30.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रो. रविन्द्र चरण यादव | 56,19755.1% | |
| 2 | मो. अब्दुल सत्तार NDA | NDA | 25,21424.7% |
| 3 | जगरूप लाल मेहता | 11,05610.8% | |
| 4 | अशोक कु. साह | 4,3964.3% | |
| 5 | मंगल प्रसाद तिवारी | 2,9872.9% | |
| 6 | दिल मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 9370.9% |
| 7 | लक्ष्मी ना. मेहता | 7610.8% | |
| 8 | विवेकानंद पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 5050.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, JD(U) और NCP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनगंज से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1995 के 65.4% से बढ़कर 66.6% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1977राज नन्दन प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 28.2%
- 1980सिंघेश्वर मेहता (INC(I)), जीत का अंतर 2.3%
- 1985राजनंदन प्रसाद (LKD), जीत का अंतर 21.3%
- 1990रविन्द्र चरण यादव (JD), जीत का अंतर 6.2%
- 1995रबीन्द्र चरण यादव (JD), जीत का अंतर 12.2%
- 2000प्रो. रविन्द्र चरण यादव (RJD), जीत का अंतर 30.4%
- 2005 (फ़रवरी)रेनू कुमारी (JD(U)), जीत का अंतर 16.3%
- 2005 (अक्टूबर)रेनू कुमारी (JD(U)), जीत का अंतर 26.4%