किशुनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
यदुवंश कुमार यादव (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर किशुनपुर सीट जीती और विजय कुमार गुप्ता (INC) को 6,581 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 सिमरी बख्तियारपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 111 गोरेयाकोठी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यदुवंश कुमार यादव | 38,03134.3% | |
| 2 | विजय कुमार गुप्ता | 31,45028.4% | |
| 3 | अनिरुद्ध प्रसाद यादव NDA | NDA | 27,02824.4% |
| 4 | वैद्य़ नाथ मेहता | 5,9105.3% | |
| 5 | ध्रुव नारायण राय | 2,2482.0% | |
| 6 | शिव कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8831.7% |
| 7 | स्वर्णिमा कुमारी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,3171.2% |
| 8 | रमेश कुमार मेहता | 1,2561.1% | |
| 9 | कृष्णदेव यादव BHJVP | BHJVP | 9000.8% |
| 10 | मुर्शिद खान BJC(R) | BJC(R) | 7220.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशुनपुर से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 60.6% से बढ़कर 65.6% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में यह सीट JD(U) ने जीती।
- 1977बैद्य नाथ मेहता (JNP), जीत का अंतर 51.4%
- 1980विश्वनाथ गुरमैता (INC(I)), जीत का अंतर 0.4%
- 1985विश्वनाथ गुरमीता (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1990विनायक प्रसाद यादव (JD), जीत का अंतर 14.1%
- 1995विजय कुमार गुप्ता (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 2000यदुवंश कुमार यादव (RJD), जीत का अंतर 5.9%
- 2005 (फ़रवरी)अनिरुध्द प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 20.6%
- 2005 (अक्टूबर)अनिरुद्ध प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 27.6%