बलियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
श्रीनरायन यादव (RJD) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 42.7% वोट पाकर बलिया सीट जीती और मो. तनवीर हसन (JD(U)) को 304 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 103 हसनपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 103 भोरे है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बलिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 304 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीनरायन यादव | 46,88942.7% | |
| 2 | मो. तनवीर हसन NDA | NDA | 46,58542.4% |
| 3 | कृष्ण मोहन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 8,9368.1% |
| 4 | मो. समसू जोहा | 5,0334.6% | |
| 5 | नटराज साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0360.9% |
| 6 | माया देवी | 7130.7% | |
| 7 | रामप्रीति शर्मा | 6680.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, JD(U) और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बलिया से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 63.0% से बढ़कर 66.1% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में भी RJD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977चन्द चूर देव (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1980श्रीनारायण यादव (JNP(SC)), जीत का अंतर 8.8%
- 1985समसू ज़ेहा (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1990श्री नारायण यादव (JD), जीत का अंतर 27.2%
- 1995श्रीनारायण यादव (JD), जीत का अंतर 15.1%
- 2000श्रीनरायन यादव (RJD), जीत का अंतर 0.3%
- 2005 (फ़रवरी)श्रीनारायण यादव (RJD), जीत का अंतर 0.9%
- 2005 (अक्टूबर)जमशैद असरफ (JD(U)), जीत का अंतर 19.4%