सिंघियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
डॉ. अशोक कुमार (INC) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर सिंघिया सीट जीती और जगदीश पासवान (JD(U)) को 739 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 101 विभूतिपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 101 गोपालगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सिंघिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 739 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. अशोक कुमार | 37,34634.0% | |
| 2 | जगदीश पासवान NDA | NDA | 36,60733.4% |
| 3 | राम जतन पासवान | 16,15414.7% | |
| 4 | कामेश्वर हजारी | 9,7918.9% | |
| 5 | राम बिनोद पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2563.9% |
| 6 | राम बहादुर सदा BJC(R) | BJC(R) | 3,1942.9% |
| 7 | भागेश्वर पासवान | 1,7191.6% | |
| 8 | दिनेश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6380.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिंघिया से कौन जीता, 1977–2005
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1995 के 52.2% से बढ़कर 59.8% हो गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977रामजतन पासवान (CPI), जीत का अंतर 1.8%
- 1980रामजतन पासवान (CPI), जीत का अंतर 4.3%
- 1985अशोक कुमार (INC), जीत का अंतर 43.1%
- 1990अशोक कुमार (INC), जीत का अंतर 24.0%
- 1995जगदीश पासवान (JD), जीत का अंतर 25.4%
- 2000डॉ. अशोक कुमार (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 2005 (फ़रवरी)डॉ. अशोक कुमार (INC), जीत का अंतर 20.3%
- 2005 (अक्टूबर)डॉ. अशोक कुमार (INC), जीत का अंतर 13.4%