पीरोविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1996
शिवानंद तिवारी (SAP) ने 1996 के विधान सभा उपचुनाव में 36.5% वोट पाकर पीरो सीट जीती और चन्द्रदीप सिंह (CPI(ML)(L)) को 6,666 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 223 चेनारी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 223 गोह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिवानंद तिवारी | 37,38336.5% | |
| 2 | चन्द्रदीप सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 30,71730.0% |
| 3 | टेसलाल सिंह | 26,79426.1% | |
| 4 | त्रिवेणी सिंह | 5,1405.0% | |
| 5 | शशि कुमार सिंह | 9881.0% | |
| 6 | काशी नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.4% |
| 7 | मधेश्वर प्रसाद सिंह SJP(R) | SJP(R) | 3900.4% |
| 8 | जय लक्ष्मी AIIC(J) | AIIC(J) | 2820.3% |
| 9 | परमेश्वर कुमार राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.3% |
| 10 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।