पीरोविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रघु पति गोप (LKD) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 18.1% वोट पाकर पीरो सीट जीती और राधा मोहन राय (JNP) को 99 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 223 चेनारी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 223 गोह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पीरो का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 99 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रघु पति गोप Lok Dal | Lok Dal | 14,04018.1% |
| 2 | राधा मोहन राय जनता | जनता | 13,94118.0% |
| 3 | मुनि सिंह | 13,43317.3% | |
| 4 | धरीछन तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 11,18614.4% |
| 5 | चन्द्रमा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8,08910.4% |
| 6 | देव नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6084.7% |
| 7 | चन्द्र भोसन तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6083.4% |
| 8 | भोला प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9592.5% |
| 9 | अमीर चन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5662.0% |
| 10 | देवेन्द्र नाथ ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3151.7% |
| 11 | मंगल प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1661.5% |
| 12 | जय मंगल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0201.3% |
| 13 | निथाली मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 8421.1% |
| 14 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6040.8% |
| 15 | शत्रुजय पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 5840.8% |
| 16 | रियाजुद्दीन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5430.7% |
| 17 | ओम प्रकाश नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.3% |
| 18 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 19 | राज किशोर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
| 20 | बीर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 21 | शंभू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 22 | राम चन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 23 | गोरख नाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 24 | सरयू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 25 | भोला प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 26 | सुरेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 460.1% |
| 27 | कमल किशोर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 290.0% |
| 28 | राम प्रवेश राय निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 29 | सोनापति चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 53% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पीरो से कौन जीता, 1977–2000
LKD ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LKD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 56.3% से घटकर 52.5% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट IPF ने जीती।