मनोहरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
देवेन्द्र मांझी (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 37.3% वोट पाकर मनोहरपुर सीट जीती और शत्रुघ्न बोदरा (INC) को 7,069 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 298 खूंटी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 298 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — देवेन्द्र मांझी 16.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देवेन्द्र मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 16,50437.3% |
| 2 | शत्रुघ्न बोदरा | 9,43521.3% | |
| 3 | रत्नाकर नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 6,64615.0% |
| 4 | पाल भेंगरा | 5,69512.9% | |
| 5 | बोबिंद चन्द्र पुरती | 2,2135.0% | |
| 6 | अब्राहन जोजो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7243.9% |
| 7 | प्रभु दयाल बागे Lok Dal | Lok Dal | 1,4763.3% |
| 8 | राम गणेश मुंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.5% |
| 9 | सैमसन रिचर्ड निर्दलीय | निर्दलीय | 1950.4% |
| 10 | सलाई बोदरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मनोहरपुर से कौन जीता, 1977–2000
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 26.8% से बढ़कर 44.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।