बड़कागांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रामेन्द्र कुमार (CPI) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 42.0% वोट पाकर बड़कागांव सीट जीती और राम कुमार ओझा (INC) को 5,436 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 266 बरही थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 266 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामेन्द्र कुमार वाम दल | वाम दल | 31,48142.0% |
| 2 | राम कुमार ओझा | 26,04534.8% | |
| 3 | धनेश्वर महतो | 4,6336.2% | |
| 4 | रबीन्द्र कुमार सिंह | 3,3754.5% | |
| 5 | बंशी चमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9894.0% |
| 6 | मियाँ जान मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8162.4% |
| 7 | शि. चन्द्र प्रसाद Lok Dal | Lok Dal | 1,5792.1% |
| 8 | सुरेन्द्र पाठक जनता | जनता | 7080.9% |
| 9 | सुख सरग महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 6840.9% |
| 10 | राम सुन्दर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.7% |
| 11 | दीप राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4940.7% |
| 12 | सुदामा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.3% |
| 13 | राम कृष्ण अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.3% |
| 14 | आर.पी. चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़कागांव से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.3% से बढ़कर 42.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 44.6% से बढ़कर 46.5% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।