बाराचट्टीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
जी.एस. रामचन्दर दास (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 59.4% वोट पाकर बाराचट्टी सीट जीती और रामजी मांझी (LKD) को 34,780 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 254 नवादा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 254 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जी.एस. रामचन्दर दास 46.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जी.एस. रामचन्दर दास | 44,81259.4% | |
| 2 | रामजी मांझी Lok Dal | Lok Dal | 10,03213.3% |
| 3 | राम स्वरूप पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 8,76211.6% |
| 4 | भगवती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0629.3% |
| 5 | बच्चू राम | 1,5352.0% | |
| 6 | देव कुमार प्रसाद जनता | जनता | 1,2401.6% |
| 7 | जगन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7471.0% |
| 8 | मोहन राम ICJ | ICJ | 7180.9% |
| 9 | शिव शंकर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4370.6% |
| 10 | प्रयाग कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और एक निर्दलीय को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाराचट्टी से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 49.7% से बढ़कर 61.1% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट IPF ने जीती।