मधुपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
कृष्ण नन्द झा (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 59.3% वोट पाकर मधुपुर सीट जीती और चंचल देवी (BJP) को 24,656 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 157 पीरपैंती थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 157 बेलहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कृष्ण नन्द झा 35.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण नन्द झा | 41,30559.3% | |
| 2 | चंचल देवी | 16,64923.9% | |
| 3 | अनिरुद्ध आजाद | 5,6358.1% | |
| 4 | नन्द किशोर पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4663.5% |
| 5 | शाह अराफ़ इक़बाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1771.7% |
| 6 | त्रिवेणी प्रसाद वर्मा Lok Dal | Lok Dal | 1,0831.6% |
| 7 | राम कृष्ण सिंह | 7181.0% | |
| 8 | फुलकु पाण्डेय | 6590.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JMM को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मधुपुर से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 49.7% से बढ़कर 50.3% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।