डुमराँवविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1981
वी.एन. भारती (INC) ने 1981 के विधान सभा उपचुनाव में 39.2% वोट पाकर डुमराँव सीट जीती और आर.ए. सिंह (CPI) को 6,114 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 221 चैनपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 221 रफीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वी.एन. भारती | 24,88139.2% | |
| 2 | आर.ए. सिंह | 18,76729.6% | |
| 3 | वी. नारायण | 12,52219.7% | |
| 4 | जे. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2363.5% |
| 5 | एन.बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2221.9% |
| 6 | आर.पी. तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0371.6% |
| 7 | एच.सी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7251.1% |
| 8 | डी. राय निर्दलीय | निर्दलीय | 7201.1% |
| 9 | वी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5770.9% |
| 10 | जे. ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.5% |
| 11 | एस.एन. पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.3% |
| 12 | जे. चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.3% |
| 13 | के.एम. चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।