मशरकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
राम देव सिंह (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 45.3% वोट पाकर मशरक सीट जीती और काशी नाथ राय (INC(U)) को 13,998 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 मांझी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 37 राजनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राम देव सिंह 21.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम देव सिंह | 29,92745.3% | |
| 2 | काशी नाथ राय | 15,92924.1% | |
| 3 | शांति बी. ना. समंजय वाम दल | वाम दल | 8,08912.2% |
| 4 | कृष्णदेव नारायण सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 5,5128.3% |
| 5 | बृज भूषण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3666.6% |
| 6 | बैज नाथ सिंह | 1,6862.5% | |
| 7 | ब्रहा दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.5% |
| 8 | रामाज्ञा कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.2% |
| 9 | परमेश्वर दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मशरक से कौन जीता, 1977–2005
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 47.7% से बढ़कर 51.8% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977कृष्णदेव नारायण सिंह (JNP), जीत का अंतर 47.2%
- 1980राम देव सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 21.2%
- 1985प्रभु नाथ सिंह (IND), जीत का अंतर 6.9%
- 1990प्रभु नाथ सिंह (JD), जीत का अंतर 60.7%
- 1995अशोक सिंह (JD), जीत का अंतर 20.8%
- 2000तारकेश्वर सिंह (RJD), जीत का अंतर 11.2%
- 2005 (फ़रवरी)तारकेश्वर सिंह (IND), जीत का अंतर 8.9%
- 2005 (अक्टूबर)केदार नाथ सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 2.4%