गोमियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
छत्रू राम महतो (BJP) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर गोमिया सीट जीती और दिनेश कुमार चौबे (INC(I)) को 9,952 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 277 धनबाद थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 277 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — छत्रू राम महतो 23.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | छत्रू राम महतो | 21,33849.6% | |
| 2 | दिनेश कुमार चौबे | 11,38626.5% | |
| 3 | क्राइस्ट कुमार टोपने JKD | JKD | 2,7056.3% |
| 4 | बाल गोबिन्द साह JNP(JP) | JNP(JP) | 2,1785.1% |
| 5 | लालजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2402.9% |
| 6 | सीता राम साव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2092.8% |
| 7 | मुमताज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 6841.6% |
| 8 | मतवार सफी निर्दलीय | निर्दलीय | 6101.4% |
| 9 | नरेन्द्र कुमार JNP(SC) | JNP(SC) | 6071.4% |
| 10 | मृत्युंजय नायक निर्दलीय | निर्दलीय | 4321.0% |
| 11 | मनोहर प्रसाद RRP | RRP | 2400.6% |
| 12 | हुसैनुल्ला अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.3% |
| 13 | मो. उस्मान निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.3% |
| 14 | भीम सिंह परमार निर्दलीय | निर्दलीय | 920.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोमिया से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 34.2% से बढ़कर 41.6% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।