देवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
दिलकेश्वर राम (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 69.5% वोट पाकर देव सीट जीती और गणेशी प्रसाद (CPI) को 31,787 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 237 घोसी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 237 फतेहपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — दिलकेश्वर राम 55.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलकेश्वर राम | 39,53769.5% | |
| 2 | गणेशी प्रसाद वाम दल | वाम दल | 7,75013.6% |
| 3 | सहदेव चौधरी | 6,24111.0% | |
| 4 | राम लगन राम JNP(JP) | JNP(JP) | 2,1293.7% |
| 5 | सिताबी प्रसाद JNP(SC) | JNP(SC) | 9121.6% |
| 6 | मोहन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और CPI को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देव से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 42.4% से बढ़कर 47.6% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।