टुंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
सत्य नारायण दुदानी (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 41.6% वोट पाकर टुंडी सीट जीती और शिबू सोरेन (निर्दलीय) को 8,532 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 280 सिंदरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 280 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्य नारायण दुदानी 22.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य नारायण दुदानी जनता | जनता | 16,05541.6% |
| 2 | शिबू सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 7,52319.5% |
| 3 | भोला गोप | 7,39919.2% | |
| 4 | सकती नाथ महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 4,78412.4% |
| 5 | बंशीधर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0312.7% |
| 6 | पुनीत लाल महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 9562.5% |
| 7 | बिनोद मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 4201.1% |
| 8 | भुवनेश्वर प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3911.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
टुंडी से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।