बेरमोविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
मिथिलेश कुमार (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 50.4% वोट पाकर बेरमो सीट जीती और विन्देश्वरी दुबे (INC) को 11,909 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 278 टुंडी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 278 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मिथिलेश कुमार 25.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिथिलेश कुमार जनता | जनता | 23,73150.4% |
| 2 | विन्देश्वरी दुबे | 11,82225.1% | |
| 3 | शिबा महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7287.9% |
| 4 | ईश्वर चन्द्र मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2847.0% |
| 5 | आओ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4535.2% |
| 6 | ब्रह्मदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6541.4% |
| 7 | जैकब चेरियन निर्दलीय | निर्दलीय | 5881.3% |
| 8 | राजेश्वर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.8% |
| 9 | यमुना सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.6% |
| 10 | सरस्वती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेरमो से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।