धनवारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
हरिहर नारायण प्रभाकर (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 52.9% वोट पाकर धनवार सीट जीती और गुलाम रसूल अंसारी (निर्दलीय) को 13,681 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 271 रामगढ़ थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 271 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरिहर नारायण प्रभाकर 36.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिहर नारायण प्रभाकर जनता | जनता | 19,83552.9% |
| 2 | गुलाम रसूल अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,15416.4% |
| 3 | लक्ष्मी नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5,62415.0% |
| 4 | पुनीत राय | 4,45311.9% | |
| 5 | देवकी नन्दन ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 8842.4% |
| 6 | राम नगीना सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5831.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धनवार से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(I) ने जीती।