सूरजगढ़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
रामजी प्रसाद महता (निर्दलीय) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर सूरजगढ़ा सीट जीती और प्रसिद्ध नारायण सिंह (JNP) को 8,254 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 187 बखरी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 187 मसौढ़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामजी प्रसाद महता निर्दलीय | निर्दलीय | 35,37645.0% |
| 2 | प्रसिद्ध नारायण सिंह जनता | जनता | 27,12234.5% |
| 3 | सुनैना शर्मा | 8,01510.2% | |
| 4 | रामबालक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5978.4% |
| 5 | श्रीधर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 5730.7% |
| 6 | मुसाहेब साव निर्दलीय | निर्दलीय | 4330.6% |
| 7 | सरवन कुमार अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.3% |
| 8 | आभा कुमार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 9 | सुबोध महतों निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, JNP और INC को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.95 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूरजगढ़ा से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट INC(U) ने जीती।