शिकारीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बाबूलाल किस्कू (JNP) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 45.0% वोट पाकर शिकारीपाड़ा सीट जीती और डेविड मेरमू (निर्दलीय) को 8,578 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 153 जामा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 153 सुल्तानगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बाबूलाल किस्कू 30.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबूलाल किस्कू जनता | जनता | 12,83145.0% |
| 2 | डेविड मेरमू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,25314.9% |
| 3 | बेंजामिन सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,72413.1% |
| 4 | शिबू मुर्मू | 3,44712.1% | |
| 5 | संतोष सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4128.5% |
| 6 | चन्द्र मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3184.6% |
| 7 | जेठा सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 5381.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिकारीपाड़ा से कौन जीता, 1977–2000
इसके बाद 1980 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।