बहेड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
तेज नारायण यादव (SWA) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 41.5% वोट पाकर बहेड़ी सीट जीती और राम चंदर सिंह (INC) को 13,624 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 87 फुलपरास थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 87 का नाम अब भी बहेड़ी है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — तेज नारायण यादव 15.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तेज नारायण यादव महागठबंधन | महागठबंधन | 35,51841.5% |
| 2 | राम चंदर सिंह कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 21,89425.6% |
| 3 | बशिष्ठ नारायण सिंह | 15,31017.9% | |
| 4 | राम कृत सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 11,29513.2% |
| 5 | सियाराम लाल देव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0861.3% |
| 6 | देव नन्द झा निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.4% |
| 7 | श्रीचरण आजाद | 2470.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बहेड़ी से कौन जीता, 1967–1972
SWA ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 30.6% से बढ़कर 41.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 60.9% से बढ़कर 76.5% हो गया।