जमशेदपुर पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
रामावतार सिंह (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 56.5% वोट पाकर जमशेदपुर पश्चिम सीट जीती और द्वारिका प्रसाद (NCO) को 14,938 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 286 जुगसलाई थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 286 चंदनकियारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामावतार सिंह 37.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामावतार सिंह वाम दल | वाम दल | 22,26056.5% |
| 2 | द्वारिका प्रसाद | 7,32218.6% | |
| 3 | जी. एच. सिन्हा | 4,57811.6% | |
| 4 | पूरन सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 2,8497.2% |
| 5 | पाल सिंह ILP | ILP | 1,7794.5% |
| 6 | बुधराम दौसेना निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.8% |
| 7 | एम. आर. मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, NCO और SOP को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जमशेदपुर पश्चिम से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.0% से बढ़कर 56.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 59.4% से घटकर 53.3% रह गया।