जहानाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
हरि लाल प्रसाद सिन्हा (NCO) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 35.8% वोट पाकर जहानाबाद सीट जीती और फिदा हुसैन (INC) को 1,248 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 236 मखदुमपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 236 नबीनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जहानाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,248 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि लाल प्रसाद सिन्हा | 22,78535.8% | |
| 2 | फिदा हुसैन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 21,53733.9% |
| 3 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 9,45214.9% |
| 4 | राम चरित्र सिंह त्यागी | 7,53411.8% | |
| 5 | सतीश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3962.2% |
| 6 | शुरेंद्र यादव वाम दल | वाम दल | 8911.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जहानाबाद से कौन जीता, 1967–1972
NCO ने यह सीट SHD से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह NCO की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 59.4% से घटकर 56.6% रह गया।