मुंगेरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
प्रफुल्ल कुमार मिश्रा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 36.5% वोट पाकर मुंगेर सीट जीती और प्रतापनारायण सिंह (निर्दलीय) को 10,561 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 180 परबत्ता थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 180 खड़गपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रफुल्ल कुमार मिश्रा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 26,16836.5% |
| 2 | प्रतापनारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,60721.8% |
| 3 | राम, देव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 14,84620.7% |
| 4 | रविश चन्द्र वर्मा महागठबंधन | महागठबंधन | 9,55013.3% |
| 5 | शाह मुश्ताक अहमद | 4,8536.8% | |
| 6 | मनोहर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4530.6% |
| 7 | कपिलदेव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुंगेर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 65.0% से घटकर 63.3% रह गया।