शेखपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
लोकनाथ आजाद (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 49.4% वोट पाकर शेखपुरा सीट जीती और मोतीलाल दास (NCO) को 11,860 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 173 बरबीघा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 173 धोरैया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — लोकनाथ आजाद 25.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लोकनाथ आजाद वाम दल | वाम दल | 23,28749.4% |
| 2 | मोतीलाल दास | 11,42724.2% | |
| 3 | जमुना चौधुरी वाम दल | वाम दल | 8,33417.7% |
| 4 | श्याम सुन्दर त्यागी महागठबंधन | महागठबंधन | 1,8073.8% |
| 5 | अमेरिका पासवान | 1,3392.8% | |
| 6 | लालकेश्वर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5611.2% |
| 7 | लीलावती निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, NCO और CPM को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शेखपुरा से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.0% से घटकर 49.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 54.6% से घटकर 43.0% रह गया।