कटिहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
राजकिशोर प्रसाद सिंह (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 30.5% वोट पाकर कटिहार सीट जीती और सत्य नारायण बिस्वास (निर्दलीय) को 5,188 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 133 आजमनगर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 133 बहादुरगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजकिशोर प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 18,31530.5% |
| 2 | सत्य नारायण बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 13,12721.8% |
| 3 | जगदीश प्रसाद मंडल महागठबंधन | महागठबंधन | 10,94518.2% |
| 4 | राहा तुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,14113.5% |
| 5 | वारिस हुसैन वाम दल | वाम दल | 2,3623.9% |
| 6 | उत्तम लाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8553.1% |
| 7 | सत्य नारायण झा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8033.0% |
| 8 | बादल चौधरी RSM | RSM | 1,2112.0% |
| 9 | मोहन सिंह | 9871.6% | |
| 10 | राणा रागेंद्र सिंह | 7611.3% | |
| 11 | सुदामा शरण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.5% |
| 12 | राम कुमार डालमिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कटिहार से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने यह सीट LTC से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 58.3% से घटकर 55.0% रह गया।