गायघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
नीतीश्वर प्रसाद सिन्हा (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 39.7% वोट पाकर गायघाट सीट जीती और जितेन्द्र प्रसाद सिंह (निर्दलीय) को 8,519 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 63 मुजफ्फरपुर मुफस्सिल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 63 मीनापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नीतीश्वर प्रसाद सिन्हा | 24,80039.7% | |
| 2 | जितेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 16,28126.1% |
| 3 | हिन्द केशरी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 10,18616.3% |
| 4 | चन्द्र मोहन मिश्रा वाम दल | वाम दल | 8,04512.9% |
| 5 | राम लखन चौधरी Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 1,9213.1% |
| 6 | गरीब भाई | 8781.4% | |
| 7 | राम स्वारथ सिंह | 3690.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गायघाट से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.1% से घटकर 39.7% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 64.3%। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।