मांडरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
श्री कृष्ण भगत (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर मांडर सीट जीती और मंगरा उराँव (BJS) को 931 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 309 बेड़ो थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 309 का नाम अब भी मांडर है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। श्री कृष्ण भगत 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्री कृष्ण भगत | 9,71740.5% | |
| 2 | मंगरा उराँव Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 8,78636.6% |
| 3 | खुदिया ओरांव JAP | JAP | 2,89312.1% |
| 4 | बिरास तिरस टोप्पो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9468.1% |
| 5 | दीपक भगत LTC | LTC | 6562.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांडर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.7% से बढ़कर 40.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 28.7% से घटकर 27.8% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।