कोलेबिराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
एस. के. बागे (निर्दलीय) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 59.5% वोट पाकर कोलेबिरा सीट जीती और लोहरा मुण्डा (BJS) को 13,538 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 303 का नाम कोलेबिरा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 303 खूंटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस. के. बागे 43.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. के. बागे निर्दलीय | निर्दलीय | 18,49159.5% |
| 2 | लोहरा मुण्डा Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 4,95315.9% |
| 3 | चार्ल्स खड़िया | 3,22310.4% | |
| 4 | विष्णु राम भगत JAP | JAP | 1,8856.1% |
| 5 | क्लेमेंट खड़िया स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 1,8796.0% |
| 6 | कामिल केरकेट्टा निर्दलीय | निर्दलीय | 6452.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BJS और INC को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोलेबिरा से कौन जीता, 1967–1972
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1967 के 51.0% से घटकर 41.8% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट JKP ने जीती।