कांकेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
रामटहल चौधरी (BJS) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर कांके सीट जीती और मोहम्मद जहूर अली (INC) को 6,115 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 302 तोरपा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 302 तोरपा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामटहल चौधरी 16.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामटहल चौधरी Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 16,11244.6% |
| 2 | मोहम्मद जहूर अली | 9,99727.7% | |
| 3 | जन्म जय नाथ चौबे JAP | JAP | 3,94710.9% |
| 4 | अब्दुर रजक अंसारी LTC | LTC | 2,8948.0% |
| 5 | बसंत कुमार लाल SHD | SHD | 1,1523.2% |
| 6 | लालू पाहन निर्दलीय | निर्दलीय | 8432.3% |
| 7 | रामलखन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4721.3% |
| 8 | रण विजय नाथ सहदेव स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 4701.3% |
| 9 | एम. ए. रऊफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांके से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट JKD से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 36.6% से बढ़कर 42.4% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी BJS ने यह सीट अपने पास रखी।