बोध गयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
काली राम (BJS) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 35.1% वोट पाकर बोध गया सीट जीती और रामेश्वर मांझी (INC) को 1,829 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 248 बाराचट्टी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 248 कोंच है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काली राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 10,31235.1% |
| 2 | रामेश्वर मांझी | 8,48328.9% | |
| 3 | आत्मा राम अंधी वाम दल | वाम दल | 6,09120.7% |
| 4 | चमारी राजबंशी LTC | LTC | 1,6665.7% |
| 5 | बाबू लाल प्रसाद JAP | JAP | 1,4955.1% |
| 6 | प्रेमन मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 6322.1% |
| 7 | दुर्गा सरन आर्य SHD | SHD | 4941.7% |
| 8 | सारिवा मांझी BCP | BCP | 1890.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बोध गया से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 29.9% से बढ़कर 35.6% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।