पिपराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
बिगू राम (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर पिपरा सीट जीती और तुलसी राम (CPI) को 2,305 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 19 सुगौली थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 19 हरसिद्धि है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिगू राम | 9,71545.9% | |
| 2 | तुलसी राम वाम दल | वाम दल | 7,41035.0% |
| 3 | फुलगेनी राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,02314.3% |
| 4 | कवलधारी महरा JAP | JAP | 5352.5% |
| 5 | जयलाल राम LTC | LTC | 2531.2% |
| 6 | रामलखन हज़रा PBI | PBI | 1710.8% |
| 7 | श्याम नारायण राम BCP | BCP | 380.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPI और BJS को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पिपरा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.6% से बढ़कर 45.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 26.4% से बढ़कर 27.6% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।