बरबीघाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
शिव शंकर सिंह (निर्दलीय) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 43.4% वोट पाकर बरबीघा सीट जीती और जितेन्द्र नारायण सिंह (INC) को 14,344 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 174 बरही थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 174 बाँका है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शिव शंकर सिंह 21.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिव शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 28,52443.4% |
| 2 | जितेन्द्र नारायण सिंह | 14,18021.6% | |
| 3 | श्याम सुन्दर सिंह JAP | JAP | 12,73219.4% |
| 4 | विन्देश्वरी सिंह वाम दल | वाम दल | 5,2428.0% |
| 5 | कालिका नन्दन प्रसाद सिंह Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,0034.6% |
| 6 | महादेव साव SHD | SHD | 1,6652.5% |
| 7 | इंद्रदीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरबीघा से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 57.6% से बढ़कर 66.6% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।