शिकारीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
चंद्र मुर्मू (निर्दलीय) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 38.1% वोट पाकर शिकारीपाड़ा सीट जीती और बरियार हेम्ब्रम (INC) को 1,173 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 145 नाला थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 145 प्राणपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। चंद्र मुर्मू 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चंद्र मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 10,73038.1% |
| 2 | बरियार हेम्ब्रम | 9,55733.9% | |
| 3 | जेठा सोरन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7989.9% |
| 4 | बाबू लाल किस्कू Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,7499.8% |
| 5 | मंगल टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 6822.4% |
| 6 | दुर्गा मरांडी वाम दल | वाम दल | 6172.2% |
| 7 | सुशील हेम्ब्रम JAP | JAP | 3671.3% |
| 8 | बरका बास्की LTC | LTC | 3661.3% |
| 9 | अब्राहम हेमरम निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.8% |
| 10 | अर्जुन मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिकारीपाड़ा से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 27.8% से बढ़कर 31.9% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट HJS ने जीती।