बरहेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
मसीह सोरेन (PHJ) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर बरहेट सीट जीती और बाबूलाल टुडू (INC) को 4,772 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 141 पाकुड़ थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 141 बरारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मसीह सोरेन 24.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मसीह सोरेन PHJ | PHJ | 9,89050.0% |
| 2 | बाबूलाल टुडू | 5,11825.9% | |
| 3 | बाबूराम टुडू Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,15410.9% |
| 4 | नाइकी मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0235.2% |
| 5 | हरिपाल मुर्मू वाम दल | वाम दल | 5482.8% |
| 6 | राम मरांडी LTC | LTC | 4812.4% |
| 7 | भीम बास्की SHD | SHD | 2981.5% |
| 8 | अमीन हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 1981.0% |
| 9 | होपा बेसरा निर्दलीय | निर्दलीय | 740.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
PHJ, INC और BJS को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरहेट से कौन जीता, 1967–1972
PHJ ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 27.1% से घटकर 25.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।