बरमाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
भुपेन बरो (UPPL) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर बरमा सीट जीती और प्रबीन बरो (BOPF) को 23,772 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 नलबाड़ी पश्चिम थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 62 बिन्नाकांडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भुपेन बरो 17.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुपेन बरो NDA | NDA | 62,38546.8% |
| 2 | प्रबीन बरो BOPF | BOPF | 38,61329.0% |
| 3 | नब कुमार सरानिया निर्दलीय | निर्दलीय | 25,89019.4% |
| 4 | प्रदीप कुमार बरो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5691.9% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,0921.6% |
| 5 | सरोजनी बसुमतारी VPI | VPI | 1,7981.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
UPPL, BOPF और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.33 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरमा से कौन जीता, 1978–2021
UPPL ने यह सीट BOPF से छीन ली, जिसने इसे 2016 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह UPPL की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2016 के 82.0% से घटकर 78.8% रह गया।
- 1978बैकुंठ नाथ दास (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 1983अलित चन्द्र बोरो (PTC), जीत का अंतर 72.5%
- 1985रेखा रानी दास बोरो (IND), जीत का अंतर 22.5%
- 1991पाणि राम राभा (NAGP), जीत का अंतर 3.2%
- 1996रेखा रानी दास बोरो (AGP), जीत का अंतर 13.6%
- 2001पनीराम राभा (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 2006मनेश्वर ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 2.8%
- 2011मनेश्वर ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 17.8%
- 2016मनेश्वर ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 8.2%
- 2021भुपेन बरो (UPPL), जीत का अंतर 17.8%