धर्मपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
चन्द्र मोहन पटवारी (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 56.7% वोट पाकर धर्मपुर सीट जीती और रातुल पटवारी (INC) को 25,034 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 61 माजो थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 61 राहा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — चन्द्र मोहन पटवारी 20.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र मोहन पटवारी NDA | NDA | 68,36256.7% |
| 2 | रातुल पटवारी | 43,32836.0% | |
| 3 | डॉ. शिखर कुमार शर्मा AJP | AJP | 6,5275.4% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,0880.9% |
| 4 | ज्योतिर्मेय शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6190.5% |
| 5 | प्रमोद चन्द्र भगवती | 5710.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.69 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धर्मपुर से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने 2016 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.5% से घटकर 56.7% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 2016 जितना ही रहा: 85.2%।
- 1978रमणी बर्मन (JNP), जीत का अंतर 8.6%
- 1983भूमिधर बर्मन (INC), जीत का अंतर 100.0%
- 1985चन्द्र मोहन पटवारी (IND), जीत का अंतर 57.3%
- 1991चन्द्र मोहन पटवारी (IND), जीत का अंतर 14.1%
- 1996चन्द्र मोहन पटवारी (AGP), जीत का अंतर 45.0%
- 2001नीलमणि सेन डेका (INC), जीत का अंतर 1.9%
- 2006चन्द्र मोहन पटवारी (AGP), जीत का अंतर 10.0%
- 2011नीलमणि सेन डेका (INC), जीत का अंतर 5.4%
- 2016चन्द्र मोहन पटवारी (BJP), जीत का अंतर 30.6%
- 2021चन्द्र मोहन पटवारी (BJP), जीत का अंतर 20.8%