लखीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
कौशिक राय (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर लखीपुर सीट जीती और मुकेश पाण्डेय (INC) को 12,700 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 13 ढोलाई थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 13 ग्वालपाड़ा पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कौशिक राय NDA | NDA | 55,34144.6% |
| 2 | मुकेश पाण्डेय | 42,64134.4% | |
| 3 | थोइबा सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 20,50316.5% |
| 4 | आलिम उद्दीन मजुमदार AJP | AJP | 2,9912.4% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,5361.2% |
| 5 | चिरंजीत आचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 6460.5% |
| 6 | क्षीरोद कर्मकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.41 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखीपुर से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2016 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2016 के 75.8% से घटकर 74.0% रह गया।
- 1978काज़ी कुतुब उद्दीन अहमद (IND), जीत का अंतर 3.4%
- 1983दिनेश प्रसाद गोवाला (IND), जीत का अंतर 2.0%
- 1985दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1991दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1996दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 29.8%
- 2001दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 12.1%
- 2006दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 32.0%
- 2011दिनेश प्रसाद गोवाला (INC), जीत का अंतर 31.8%
- 2016राजदीप गोवाला (INC), जीत का अंतर 22.3%
- 2021कौशिक राय (BJP), जीत का अंतर 10.2%