चबुआविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
पोनाकन बरुआ (AGP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 41.4% वोट पाकर चबुआ सीट जीती और अजय फुकन (INC) को 18,730 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 121 जयपुर थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 121 हैलाकांदी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पोनाकन बरुआ NDA | NDA | 53,55441.4% |
| 2 | अजय फुकन | 34,82426.9% | |
| 3 | प्रियंका नेउग निर्दलीय | निर्दलीय | 16,70012.9% |
| 4 | भबेन बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 11,7939.1% |
| 5 | लॉरेंस नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9263.0% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 3,3322.6% |
| 6 | प्रकाश तांती BLSP | BLSP | 2,7612.1% |
| 7 | अनंत हज़ारिका | 2,4631.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.17 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चबुआ से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2016 में जीता था; AGP ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 2016 के 85.4% से घटकर 77.6% रह गया।
- 1978ज्ञान गोगोई (JNP), जीत का अंतर 11.6%
- 1983उपेन सनातन (INC), जीत का अंतर 74.4%
- 1985भुबन बरुआ (IND), जीत का अंतर 1.3%
- 1991उपेन्द्र सनातन (INC), जीत का अंतर 25.3%
- 1996भबेन बरुआ (AGP), जीत का अंतर 1.3%
- 2001राजू शाहू (INC), जीत का अंतर 19.2%
- 2006राजू साहू (INC), जीत का अंतर 3.1%
- 2011राजू साहू (INC), जीत का अंतर 11.5%
- 2016बिनोद हज़ारिका (BJP), जीत का अंतर 26.5%
- 2021पोनाकन बरुआ (AGP), जीत का अंतर 14.5%