उधारबंदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
मिहिर कान्ति शोम (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर उधारबंद सीट जीती और अजीत सिंह (INC) को 2,685 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 12 सोनाई थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 12 जलेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मिहिर कान्ति शोम 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मिहिर कान्ति शोम NDA | NDA | 61,74547.3% |
| 2 | अजीत सिंह | 59,06045.3% | |
| 3 | राहुल राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7964.4% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4941.1% |
| 4 | ऐनुल हक लस्कर AJP | AJP | 8110.6% |
| 5 | सुमन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7100.5% |
| 6 | सुब्रत मजुमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5440.4% |
| 7 | देवज्योति भट्टाचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.43 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उधारबंद से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने 2016 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.3% से घटकर 47.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2016 के 79.6% से घटकर 79.0% रह गया।
- 1978जगन्नाथ सिंह (JNP), जीत का अंतर 3.6%
- 1983जगन्नाथ सिंह (INC), जीत का अंतर 26.7%
- 1985जॉय प्रकाश तिवारी (IND), जीत का अंतर 11.1%
- 1991जगन्नाथ सिंह (INC), जीत का अंतर 10.7%
- 1996जगन्नाथ सिन्हा (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 2001अजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 2006अजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 19.3%
- 2011अजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 48.1%
- 2016मिहिर कान्ति शोम (BJP), जीत का अंतर 7.7%
- 2021मिहिर कान्ति शोम (BJP), जीत का अंतर 2.1%