जोनाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2021
भुबन पेगु (BJP) ने 2021 के विधान सभा चुनाव में 68.7% वोट पाकर जोनाई सीट जीती और हेमा हरि प्रसन्न पेगु (INC) को 1,10,987 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 114 ढकुआखाना थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 114 लखीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भुबन पेगु 45.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भुबन पेगु NDA | NDA | 1,68,41168.7% |
| 2 | हेमा हरि प्रसन्न पेगु | 57,42423.4% | |
| 3 | फणीराम तायेंग AJP | AJP | 7,7263.1% |
| 4 | माधब मचहरी निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4042.6% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,6761.1% |
| 5 | भवानी बोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5110.6% |
| 6 | भाग्य चुंगक्रांग | 1,0060.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.89 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.97 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जोनाई से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2016 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2016 के 81.8% से घटकर 78.3% रह गया।
- 1978रमेश मोहन कौली (JNP), जीत का अंतर 1.9%
- 1983पुष्पधर पेगु (INC), जीत का अंतर 22.3%
- 1985फनी राम तायेंग (IND), जीत का अंतर 17.0%
- 1991गोमेश्वर पेगु (INC), जीत का अंतर 10.9%
- 1996प्रदान बरुआ (AGP), जीत का अंतर 6.9%
- 2001प्रदान बरुआ (INC), जीत का अंतर 13.4%
- 2006भुबन पेगु (IND), जीत का अंतर 8.9%
- 2011प्रदान बरुआ (INC), जीत का अंतर 10.6%
- 2016भुबन पेगु (IND), जीत का अंतर 23.9%
- 2021भुबन पेगु (BJP), जीत का अंतर 45.3%