पलाशबाड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
प्रणब कलिता (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 61.9% वोट पाकर पलाशबाड़ी सीट जीती और नबज्योति तालुकदार (INC) को 48,742 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 50 बरपेटा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 50 मंगलदोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रणब कलिता 40.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रणब कलिता NDA | NDA | 75,21061.9% |
| 2 | नबज्योति तालुकदार UPA | UPA | 26,46821.8% |
| 3 | जतीन माली निर्दलीय | निर्दलीय | 15,75513.0% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,5641.3% |
| 4 | कुशल चन्द्र शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 9910.8% |
| 5 | जुरी माली LDP | LDP | 9800.8% |
| 6 | पलाश ज्योति दास RAJPA | RAJPA | 4670.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.63 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पलाशबाड़ी से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1996 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2011 के 81.2% से बढ़कर 87.9% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978हरेन्द्र गोस्वामी (JNP), जीत का अंतर 7.3%
- 1983मोहन बसुमतारी (INC), निर्विरोध निर्वाचित
- 1985जतीन माली (IND), जीत का अंतर 76.3%
- 1991जतीन माली (AGP), जीत का अंतर 21.2%
- 1996जतीन माली (AGP), जीत का अंतर 41.3%
- 2001प्रणब कलिता (IND), जीत का अंतर 0.8%
- 2006प्रणब कलिता (IND), जीत का अंतर 10.8%
- 2011जतीन माली (IND), जीत का अंतर 0.6%
- 2016प्रणब कलिता (BJP), जीत का अंतर 40.1%
- 2021हेमांगा ठाकुरिया (BJP), जीत का अंतर 30.1%