नाहरकटियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
नरेन सोणोवाल (बोतली) (AGP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर नाहरकटिया सीट जीती और प्रणती फुकन (INC) को 3,531 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 120 टिंगखांग थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 120 ढोलाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नरेन सोणोवाल (बोतली) 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन सोणोवाल (बोतली) NDA | NDA | 46,05146.8% |
| 2 | प्रणती फुकन UPA | UPA | 42,52043.2% |
| 3 | सुरेश च. डेका | 4,0264.1% | |
| 4 | मोहन नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7082.8% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,7191.8% |
| 5 | महेन्द्र धदुमिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7830.8% |
| 6 | सदानंद दास JNCP | JNCP | 6970.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP, INC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.51 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नाहरकटिया से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2011 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 72.6% से बढ़कर 83.6% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978साशा कमल हांडिक (CPM), जीत का अंतर 1.3%
- 1985कुसुंबर तैराई (गोगोई) (IND), जीत का अंतर 10.7%
- 1991साशा कमल हांडिक (CPM), जीत का अंतर 0.1%
- 1996प्रनति फुकन (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 2001प्रनति फुकन (INC), जीत का अंतर 46.3%
- 2006प्रनति फुकन (INC), जीत का अंतर 23.1%
- 2011प्रनति फुकन (INC), जीत का अंतर 16.9%
- 2016नरेन सोणोवाल (बोतली) (AGP), जीत का अंतर 3.6%
- 2021तरंगा गोगोई (BJP), जीत का अंतर 13.5%