डिब्रुगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
प्रशांत फुकन (BJP) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 61.0% वोट पाकर डिब्रुगढ़ सीट जीती और चन्द्र कान्ता बरुआ (INC) को 27,374 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 116 मोरान थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 116 काटीगड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — प्रशांत फुकन 26.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रशांत फुकन NDA | NDA | 63,98561.0% |
| 2 | चन्द्र कान्ता बरुआ UPA | UPA | 36,61134.9% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,1161.1% |
| 3 | दिगन्त फुकन | 1,0861.0% | |
| 4 | बिपुल चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7480.7% |
| 5 | अविनाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.5% |
| 6 | जुगेन कछारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5010.5% |
| 7 | पद्मेश्वर फुकन निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.02 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.73 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डिब्रुगढ़ से कौन जीता, 1978–2021
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 2006 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.1% से बढ़कर 61.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 2011 के 67.5% से बढ़कर 81.2% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978केशव चन्द्र गोगोई (JNP), जीत का अंतर 31.4%
- 1983केशव चन्द्र गोगोई (INC), जीत का अंतर 87.2%
- 1985केशव गोगोई (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 1991केशव गोगोई (INC), जीत का अंतर 18.9%
- 1996कल्याण कुमार गोगोई (INC), जीत का अंतर 10.8%
- 2001डॉ. कल्याण कुमार गोगोई (INC), जीत का अंतर 43.1%
- 2006प्रशांत फुकन (BJP), जीत का अंतर 0.2%
- 2011प्रशांत फुकन (BJP), जीत का अंतर 23.3%
- 2016प्रशांत फुकन (BJP), जीत का अंतर 26.1%
- 2021प्रशांत फुकन (BJP), जीत का अंतर 33.4%