नाजिराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
देबब्रत सैकिया (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 53.8% वोट पाकर नाजिरा सीट जीती और प्रोहलाद गोवाला (BJP) को 14,855 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 104 टियोक थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 104 डेरगांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — देबब्रत सैकिया 15.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देबब्रत सैकिया UPA | UPA | 52,86953.8% |
| 2 | प्रोहलाद गोवाला NDA | NDA | 38,01438.7% |
| 3 | कनक गोगोई | 4,5074.6% | |
| 4 | रिबुलया गोगोई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5011.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,4301.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.29 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नाजिरा से कौन जीता, 1978–2021
INC ने 2011 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.4% से घटकर 53.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 2011 के 73.4% से बढ़कर 82.5% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978हितेश्वर सैकिया (INC), जीत का अंतर 17.6%
- 1983हितेश्वर सैकिया (INC), जीत का अंतर 50.1%
- 1985हितेश्वर सैकिया (INC), जीत का अंतर 18.2%
- 1991हितेश्वर सैकिया (INC), जीत का अंतर 54.4%
- 1996हेमप्रोवा सैकिया (INC), जीत का अंतर 19.0%
- 2001डॉ. हेमप्रभा सैकिया (INC), जीत का अंतर 54.8%
- 2006द्रुपद बरगोहाँई (CPI), जीत का अंतर 0.6%
- 2011देबब्रत सैकिया (INC), जीत का अंतर 40.8%
- 2016देबब्रत सैकिया (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 2021देबब्रत सैकिया (INC), जीत का अंतर 0.6%