मरियानीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2016
रूपज्योति कुर्मी (INC) ने 2016 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर मरियानी सीट जीती और आलोक कुमार घोष (NCP) को 1,793 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 101 चराइबाही थी। 2026 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मरियानी का फ़ैसला सिर्फ़ 2.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,793 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रूपज्योति कुर्मी UPA | UPA | 36,70140.5% |
| 2 | आलोक कुमार घोष UPA | UPA | 34,90838.5% |
| 3 | दुलें नायक NDA | NDA | 14,60216.1% |
| 4 | जिंतू हज़ारिका निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9542.2% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,6131.8% |
| 5 | दिगन्त फुकन निर्दलीय | निर्दलीय | 7700.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCP और BJP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.28 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मरियानी से कौन जीता, 1978–2026
INC ने यहाँ लगातार छठी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.9% से घटकर 40.5% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2011 के 73.0% से बढ़कर 84.8% हो गया। इसके बाद 2021 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978गजेन तांती (INC), जीत का अंतर 9.8%
- 1983शिव बुरा गोहाईं (INC), जीत का अंतर 32.9%
- 1985नरेन तांती (IND), जीत का अंतर 23.7%
- 1991रूपम कुर्मी (INC), जीत का अंतर 32.3%
- 1996रूपम कुर्मी (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 2001रूपम कुर्मी (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2006रूपज्योति कुर्मी (INC), जीत का अंतर 3.9%
- 2011रूपज्योति कुर्मी (INC), जीत का अंतर 9.3%
- 2016रूपज्योति कुर्मी (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 2021रूपज्योति कुर्मी (INC), जीत का अंतर 2.5%
- 2026रूपज्योति कुर्मी (BJP), जीत का अंतर 19.7%