राहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
गुणेश्वर दास (AUDF) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 25.3% वोट पाकर राहा सीट जीती और डॉ. आनंदा राम बरुआ (INC) को 387 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 82 मोरीगांव थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 82 डूमडूमा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
राहा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 387 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुणेश्वर दास AUDF | AUDF | 32,97225.3% |
| 2 | डॉ. आनंदा राम बरुआ UPA | UPA | 32,58525.0% |
| 3 | उमेश चन्द्र दास NDA | NDA | 28,74122.1% |
| 4 | डिंबेश्वर दास | 26,58720.4% | |
| 5 | सूर्य कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5812.8% |
| 6 | दीपन हज़ारिका AGP(P) | AGP(P) | 1,9571.5% |
| 7 | सुनती दास UPA | UPA | 1,8171.4% |
| 8 | राजेन दास CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1,3151.0% |
| 9 | नबीन हज़ारिका NDA | NDA | 5550.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राहा से कौन जीता, 1978–2021
AUDF ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AUDF की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 72.7% से बढ़कर 78.2% हो गया। इसके बाद 2011 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978बलिराम दास (JNP), जीत का अंतर 25.4%
- 1983लखी प्रसाद हज़ारिका (INC), जीत का अंतर 91.5%
- 1985उमेश चन्द्र दास (IND), जीत का अंतर 26.7%
- 1991गहिन चन्द्र दास (AGP), जीत का अंतर 7.9%
- 1996गहिन च. दास (AGP), जीत का अंतर 11.3%
- 2001डॉ. आनंदा राम बरुआ (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 2006गुणेश्वर दास (AUDF), जीत का अंतर 0.3%
- 2011पीयूष हज़ारिका (INC), जीत का अंतर 13.9%
- 2016डिंबेश्वर दास (BJP), जीत का अंतर 20.5%
- 2021शशि कान्ता दास (INC), जीत का अंतर 7.3%