कलाईगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
महेन्द्र मोहन राय चौधुरी (AGP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 29.2% वोट पाकर कलाईगांव सीट जीती और भुपेन बोरो (निर्दलीय) को 2,428 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 65 बरमा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 65 ढेकियाजुली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। महेन्द्र मोहन राय चौधुरी 3.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र मोहन राय चौधुरी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 23,24829.2% |
| 2 | भुपेन बोरो निर्दलीय | निर्दलीय | 20,82026.2% |
| 3 | मो. मजिबर रहमान | 16,83221.1% | |
| 4 | लक्ष्मी कान्ता सैकिया ICS | ICS | 7,0578.9% |
| 5 | रमणी सहरिया | 7,0548.9% | |
| 6 | अब्दुल वहाब तालुकदार AIIC(T) | AIIC(T) | 3,2254.0% |
| 7 | कनक चन्द्र देव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0571.3% |
| 8 | काली मोल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कलाईगांव से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 74.2% से बढ़कर 76.4% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978नगेन शर्मा (JNP), जीत का अंतर 35.4%
- 1985महेंद्र मोहन राय चौधुरी (IND), जीत का अंतर 12.3%
- 1991जेव राम बोरो (IND), जीत का अंतर 4.4%
- 1996महेन्द्र मोहन राय चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 3.0%
- 2001नाथू बोरो (IND), जीत का अंतर 3.4%
- 2006महेश्वर बरो (IND), जीत का अंतर 3.9%
- 2011मुकुंदा राम चौधुरी (AGP), जीत का अंतर 2.5%
- 2016महेश्वर बरो (BOPF), जीत का अंतर 13.3%
- 2021दुर्गा दास बोरो (BOPF), जीत का अंतर 4.8%