कोकराझार पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
हेमेन्द्र नाथ ब्रह्म (निर्दलीय) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 27.6% वोट पाकर कोकराझार पश्चिम सीट जीती और जितेन्द्र नाथ राय (निर्दलीय) को 6,817 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 29 तुरा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 29 पलाशबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हेमेन्द्र नाथ ब्रह्म निर्दलीय | निर्दलीय | 21,88727.6% |
| 2 | जितेन्द्र नाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 15,07019.0% |
| 3 | कनकेश्वर नार्जरी निर्दलीय | निर्दलीय | 10,49813.2% |
| 4 | राम नाथ नार्जरी | 8,92311.2% | |
| 5 | रिनय कु. मुशहरी | 7,8109.8% | |
| 6 | भुबनेश्बर ब्रह्म संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 7,1179.0% |
| 7 | परमेश्वर ब्रह्म निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6565.9% |
| 8 | बिनेश्वर नार्जरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2491.6% |
| 9 | रुकेंद्र नाथ ब्रह्म निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1091.4% |
| 10 | अमृत लाल बसुमतारी ICS | ICS | 1,0841.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोकराझार पश्चिम से कौन जीता, 1978–2021
1991 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978रणेंद्र नारायण बसुमतारी (INC), जीत का अंतर 9.6%
- 1983रणेंद्र नारायण बसुमतारी (INC), जीत का अंतर 33.7%
- 1985अमृत लाल बसुमतारी (ICS), जीत का अंतर 10.1%
- 1991परमेश्वर ब्रह्म (IND), निर्विरोध निर्वाचित
- 1996हेमेन्द्र नाथ ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 8.6%
- 2001हेमेन्द्र नाथ ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 59.5%
- 2006परमेश्वर ब्रह्म (IND), जीत का अंतर 0.1%
- 2011प्रदीप कुमार ब्रह्म (BOPF), जीत का अंतर 26.4%
- 2016रबिराम नार्जरी (BOPF), जीत का अंतर 12.3%
- 2021रबिराम नार्जरी (BOPF), जीत का अंतर 7.7%