बिलासीपारा पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
प्रशांत कुमार बरुआ (AGP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर बिलासीपारा पूर्व सीट जीती और अनवर हुसैन (INC) को 3,809 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 27 बाघमारा थी। 2021 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2026 से सीट नंबर 27 चमरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रशांत कुमार बरुआ 4.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रशांत कुमार बरुआ संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 37,87742.3% |
| 2 | अनवर हुसैन | 34,06838.0% | |
| 3 | केशव देब वर्मा | 9,95411.1% | |
| 4 | जुरान अली अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9952.2% |
| 5 | पृथ्वीश कान्ति सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7431.9% |
| 6 | यूसुफ अली अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4881.7% |
| 7 | मोयेज़ उद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0521.2% |
| 8 | जैनल आबेदीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0391.2% |
| 9 | शाह आलम खान AIIC(T) | AIIC(T) | 3680.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AGP, INC और BJP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2026 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2026 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिलासीपारा पूर्व से कौन जीता, 1978–2021
AGP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह AGP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 78.9% से बढ़कर 82.0% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी AGP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978सूरत चंद्र सिन्हा (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1983रुक्मिणी कान्ता रोये (INC), जीत का अंतर 26.2%
- 1985शरत चन्द्र सिन्हा (ICS), जीत का अंतर 10.4%
- 1991अनवर हुसैन (INC), जीत का अंतर 16.2%
- 1996प्रशांत कुमार बरुआ (AGP), जीत का अंतर 4.3%
- 2001प्रशांत कुमार बरुआ (AGP), जीत का अंतर 9.5%
- 2006प्रशांत कुमार बरुआ (AGP), जीत का अंतर 12.1%
- 2011गुल अख़्तरा बेगम (AIUDF), जीत का अंतर 18.1%
- 2016अशोक कुमार सिंघी (BJP), जीत का अंतर 3.0%
- 2021छामचुल हुदा (AIUDF), जीत का अंतर 25.2%